माँ काली का वो गहराराज़ जो तुम्हारे दुश्मनको हमेशा के लिए हरासकता है
क्या तुम भी यही महसूस करते हो? मेहनत करते हो — कोईबर्बाद कर देता है।आगे बढ़ते हो — कोईखींच लेता है पीछे।खुश होते हो — कोईनज़र लगा देता है। दुश्मन वो नहीं होता जोसामने आता है — दुश्मनवो होता है जो मुस्कुराताहुआ पीठ में छुरा घोंपता है। माँ काली कहती हैं — मैंनेदेख लिया है। … Read more